Thursday, April 7, 2011

कामयाबी चाहिए तो भूल जाइए जल्दबाजी


 जीवन में अपने कार्यो के प्रति सावधान रहें। हम अक्सर सुनते हैं कि फलां आदमी अपने कार्य को लेकर सावधान रहता है और समय पर सारे काम निबटाता है।
ऎसे व्यक्ति को हर कोई इज्जत देता है और इससे वह अपनी नजरों में ऊंचा उठने लगता है। किसी भी व्यक्ति में कर्तव्यनिष्ठा का होना उसे गुणवत्तायुक्त कार्य करने की प्रेरणा देता है। वह कभी ऎसा नहीं सोचता कि दूसरे उसके बारे में क्या सोच रहे होंगे। वह तो बस अपने कार्य की गुणवत्ता को ब़डी सावधानी से कायम रखने की कोशिश करता है। हमेशा दिमाग में यह बात रखें कि आपके संकल्प ही आपको कामयाबी की ओर ले जाते हैं और वही सबसे महत्वपूर्ण है। एक मजबूत व्यक्ति ही कर्तव्यनिष्ठ हो सकता है, क्योंकि वह दूसरों की आलोचनाएं बर्दाश्त कर सकता है। कर्तव्यनिष्ठ होने का मतलब है कि एक बार अगर किसी व्यक्ति में यह गुण आ गया तो समझिए कि वह कहीं भी काम करेगा तो उसमें वह गुणवत्ता कायम रहेगी।
एक बार एक राजा के शासनकाल के दौरान उसके देश में भयानक अकाल प़ड गया। अकाल से निबटते हुए खजाना खाली होने के कगार पर पहुंच गया। वह इस बात को लेकर दुखी था कि भविष्य में अपनी प्रजा का पेट कैसे भर पाएगा। जनता का पेट भरने के उपायों पर वह गंभीरता से सोचने लगा। एक दिन महल के एक रात्रि प्रहरी ने राजा से मिलने की इच्छा व्यक्त की। वह किसी विशेष संदर्भ में राजा से कुछ कहना चाहता था। राजा से मिलना सरल नहीं था, सेनापति ने उससे कहा कि उसे जो कहना है वह उसे बता दे वह राजा तक संदेश पहुंचा देगा, परंतु प्रहरी तैयार नहीं हुआ। अंतत: सेनापति ने उसे सावधानी के साथ सैनिक छावनी में राजा से मिलने दिया। उसने राजा से निवेदन किया, ""महाराज, मैं अपनी मूर्खता के लिए पहले तो क्षमा चाहूंगा। पिछली रात को मैंने एक सपना देखा कि महल के उत्तरी छोर पर एक खजाना ग़डा हुआ है। पहले मैं इस बारे में किसी को नहीं बताना चाह रहा था, इसलिए कि कहीं ये बात गलत न साबित हो। लेकिन मैं खुद को रोक नहीं सका और यही बताने आपके पास आया हूं।"" राजा ने उसे वापस लौटने की आज्ञा देते हुए कहा, ""मैं इसकी जांच करवाता हूं।""
अगले दिन उस स्थान पर खुदाई शुरू की गई तो राजा यह देखकर आpर्यचकित हो गया कि वाकई में वहां तो भरपूर मात्रा में हीरे-जवाहरात ग़डे हुए हैं। राजा यह देखकर बहुत खुश हुआ। उसकी सारी चिंताएं उसी क्षण दूर हो गई। उसने प़डोसी देश से प्रचुर मात्रा में अनाज खरीदने का आदेश दिया, ताकि कोई भूखा न रहे। बाद में राजा ने रात्रि प्रहरी को बुलाकर उसे धन्यवाद दिया तथा उसे आजीवन वेतन देने की व्यवस्था कर दी लेकिन साथ ही उसे नौकरी से भी हटा दिया। आप सोच रहे होंगे कि आखिर राजा ने उसे नौकरी से क्यों हटा दियाक् क्या यह न्यायोचित थाक् हां, राजा ने प्रहरी को भरपूर इनाम दिया, आजीवन वेतन देकर। चूंकि रात्रि प्रहरी का कर्तव्य होता है रात में जागते रहना, परंतु उस प्रहरी ने अपने कार्य में लापरवाही बरतते हुए सोते हुए सपना देखा था और यही वजह रही कि उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना प़डा। आप अपनी संस्था के लिए एक संपत्ति होते हैं। आपको कुछ खास कार्य के लिए रखा जाता है और यह बात बहुत कम लोग ही समझते हैं। आप अगर पूरी कर्तव्यनिष्ठा से अपनी संस्था के लिए काम करते हैं तो आपके साथ संस्था की प्रसिद्धि भी बढ़ती है, लेकिन अगर आप अपना कार्य पूरी कर्तव्यनिष्ठा से नहीं करते संस्था में आपका कद ऊंचा नहीं होगा।
कामयाब इंसानों में कर्तव्यनिष्ठा सबसे अहम खासियत रही है, बाकी अन्य खासियतें द्वितीयक हैं। किसी संस्था में व्यक्ति विशेष के योगदान का मूल्यांकन करने के दौरान आप पाएंगे कि कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति बेहतर काम कर पाते हैं। ऎसा इसलिए होता है, क्योंकि ऎसा व्यक्ति हमेशा अपनी रफ्तार से काम में जुटा रहता है और उसकी छवि भी इसी तरह की बन जाती है। वह अपने प्राथमिक कर्तव्यों से कभी भी समझौता नहीं करता है। मनुष्य की जिंदगी में बदलाव तभी मुमकिन है, जब वह पूरी तत्परता से हर काम को निबटाए। कामयाब लोग कभी भी कोई काम जल्दबाजी में नहीं करते और न ही कभी उसे समय से पहले हासिल करने के बारे में सोचते हैं, बल्कि उसके लिए सही वक्त आने का इंतजार करते हैं।
(डायमंड पॉकेट बुक्स प्रा. लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक "खुद बदलें अपनी किस्मत" से साभार)

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