हमारी सफलता हमारे रास्ते में आने वाली कठिनाइयों के समाधान की योग्यता पर निर्भर करता है। बिना कठिनाइयों का कोई जीवन नहीं होता। समस्याओं का समाधान करके आप आगे जा सकते हैं और बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
समस्याओं का समाधान करने की योग्यता आपके विचार पर निर्भर करेगी जो आपको बेहतर चुनाव के लिए प्रेरित करेगी। बेहतर चुनाव के लिए आपको बातचीत और दिमाग को अधिकार में करने की आवश्यकता होती है। आपके दिमाग में कभी किसी सवाल का जवाब आता है तो उसे लिख लेना चाहिए। फिर अपने सारे जवाबों को पढ़ें जो आपने लिखा है। जीवन में कुछ पाने के लिए हमें पुराने दृष्टिकोण का अनुसरण करने की बजाय नए रास्ते तलाशने का प्रयास करना बेहतर है। पुराने तरीके की महत्ता को इंकार नहीं किया जा सकता है। निर्माण के दृष्टिकोण को महसूस करने के लिए हममें प्रयोग और खोज की इच्छा होनी चाहिए। यदि आप कोई निश्चित कार्य करते हैं तो आप क्या प्राप्त कर सकते हैं, यह भविष्यवाणी करना या उसका आकलन करना, अनुमान की योग्यता कहलाती है। सामान्यत: इसका मतलब यह है कि यदि आप अपना काम करते हैं तो आप यह भी कह सकते हैं कि यह कार्य आपको दूर ले जाएगा।
अनुमान का एक और नाम है, जैसे "भविष्य के लिए कार्यक्रम" और अपने जीवन में आप क्या चाहते हैं या क्या पाना चाहते हैं या क्या करेंगे। समस्या यह है कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना अनुमान और क्षेत्र होता है। यदि आप नहीं जानते हैं कि आप कहां जाना चाहते हैं तो आप किसी सार्थक स्थान पर कैसे पहुंचेंगेक् इस स्थिति में कोई आपकी सहायता नहीं कर पाता है। हमारा पूरा भविष्य हमारी सोच पर निर्भर करता है। हमारा पूरा विकल्प हमारी सोच पर निर्भर करता है। ब़डी उपलब्धि हमें ब़डी सोच से मिलती है।
दृष्टिकोण का अभाव ही असंतुष्टि और निराशा का सबसे ब़डा कारण है। छोटे स्तर पर जब हमारे पास किसी दिन कुछ करने का कोई खास काम नहीं रहता तो हम खोया हुआ महसूस करते हैं। हमने अपने लिए जो स्तर तय किया है, उसका आकलन करना चाहिए। जो हम करना चाहते हैं या जो हम पाना चाहते हैं उसे पूरा करने के लिए हमारे जीवन में समय की सीमा बहुत कम है। सभी क्षेत्र में नेतृत्व करने का आधार दृष्टिकोण या अनुमान है। चाहे वह कारखाना हो या राजनीति हो या अर्थशास्त्र। किसी ने चांद पर पहुंचने का सपना देखा और कोई पहुंच भी गया। यह दृष्टिकोण का परिणाम है।
बेहतर सोच असंभव काम को भी संभव बना देती है। हमें अपनी नजर को उठाने की आवश्यकता है तथा भविष्य की संभावनाओं को समझने की आवश्यकता है। हमें एक प्रयास से चिपके रहने की आवश्यकता नहीं है। कल हमने जो भी किया है, वह आज के लिए अच्छा होगा।
अंतत: हमारी सफलता हमारी सोच या दृष्टिकोण पर निर्भर करती है। सोच का दृष्टिकोण आदर्श व्यवसाय को स्वीकार करने का होना चाहिए। साथ ही साथ आप अपने पेशा और व्यवसाय में विकास को पहचान सकते हैं। जितना संभव हो, उतनी जानकारी इकट्ठा कीजिए। स्पष्ट कीजिए कि आप और आपके व्यवसाय का तात्पर्य क्या है और आप दूसरों से क्या बेहतर सेवा दे सकते हैं। आप क्या करना चाहते हैं या आप क्या प्रयास करना चाहते हैं, इसे बेहतर तरीके से लिख डालिए और उसी के अनुसार कदम बढ़ाइए।
(लेखक सीबीआई के पूर्व निदेशक हैं। डायमंड पॉकेट बुक्स प्रा. लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक "पहले लक्ष्य तय करें" से साभार)
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