क्यों रूठा है मेरा प्यार
रूठे हो क्यों तुम मुझसे
पूछूं मैं क्या तुमसे?
मेरी आँखों के खयाल तुम हो
मेरी सांसों की पहचान हो
मेरे चहरे की मुस्कुराहट तुम हो,
मेरे जीने की वजह तुम हो,
मेरी पलकों पे बसा हुआ ख्वाब तुम हो,
मेरी हर धड़कन में तुम हो,
जब मेरे ख्वाब तेरे थे,
जब प्यार इतना करते थे,
जब दूर इतना रहते थे,
जब मिल के बिछड़े ही थे,
जब इतना प्यार करते ही थे ,
इज़हार से क्यों डरते थे,
आज फिर मैं पूछती हूँ तुमसे,
रूठे हो क्यों तुम मुझसे..
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